डीएम, एसपी व एसडीएम की निगाहें सातवीं मोहर्रम की जुलूस पर, 24 घंटे चलता है यह जुलूस

अनुरीत टाइम्स न्यूज


पिहानी का ऐतिहासिक सातवीं मोहर्रम जुलूस निकट है और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। खासकर चौहट्टा मस्जिद के निकट जुलूस को लेकर सुरक्षा में कड़ी सतर्कता बरती जा रही है।


बृहस्पतिवार को इमाम हुसैन के भतीजे हजरत कासिम की शहादत की याद में सातवीं मोहर्रम का जुलूस अपनी रिवायती शान के साथ निकाला जाएगा। इस जुलूस में हजरत कासिम की शबीहे ताबूत, जरी, अलम और ताजिए शामिल होंगे, जिन्हें श्रद्धालु बड़े ही सम्मान और आस्था के साथ बोसे देंगे।




जुलूस के दौरान मातमी अंजुमनों के सदस्यों द्वारा छुरियों के मातम से अपने सीने लहूलुहान कर शहीदे करबला हजरत कासिम को याद किया जाएगा। रौजा गेट पर बच्चों द्वारा माथे पर कमा (चीरा) लगाकर शहादत का गम मनाया जाएगा। जुलूस में महिला गमख्वारों की भी उल्लेखनीय भागीदारी होगी।


करबला की जंग में सातवीं मोहर्रम के दिन इमाम हुसैन के भतीजे हजरत कासिम को शहीद किया गया था। इसी शहादत की याद में हर साल पिहानी में यह जुलूस निकाला जाता है।


अंजुमनों ने नौहाख्वानी के जरिए शहादत का गम इस तरह व्यक्त किया:

“अल्लाह रे करबला में वह छोटे-छोटे बच्चे,

पानी तो मांगते थे लेकिन मिला नहीं था।

इक लाश ऐसी देखी जिस पर कफन नहीं था।

और इक बेवतन को ऐसा लूटा है करबला में,

दुनिया में घर किसी का ऐसा लुटा नहीं था।”


जुलूस सुबह इमामाबाड़ा मीरसराय से शुरू होगा। शबीहे ताबूत, जरी और अलम के साथ जुलूस परंपरागत रास्तों से होते हुए दोपहर करीब 2 बजे चौहट्टा चौराहा पहुंचेगा। लगभग 2:15 बजे मोहल्ला खुर्मुली से आए दूसरे जुलूस का मिलाप कराया जाएगा, जहां नौजवान छुरियों के मातम से अपने सीने लाल करेंगे।


नौहाख्वानी और सीनाजनी के बीच ‘लब्बैक’ और ‘हुसैन’ की दर्दनाक सदाओं के साथ जुलूस इस्लामगंज, यूसुफजई, नई बस्ती और कटराबाजार मोहल्लों से गुजरते हुए सदर रौजा गेट पहुंचेगा। रौजा गेट पर कयाम के दौरान छिपीटोला और लोहानी से आए दो अन्य जुलूसों का मिलाप होगा। यहाँ मासूम बच्चों द्वारा कमा लगाकर शहादत का ग़म मनाया जाएगा।


देर शाम को जुलूस लोहानी व मुरीदखानी मोहल्लों में मरहूम हसन ताहिर जैदी के आवास पर ताहिर पब्लिक स्कूल के प्रबंधक शैफ हसन जैदी की ओर से अजादारों के लिए भोजन का इंतजाम किया जाएगा।