मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जताई चिंता

हरदोई (उत्तर प्रदेश): जिले में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा के दौरान बैंकों की निष्क्रियता पर जिलाधिकारी अनुनय झा ने गहरी नाराज़गी व्यक्त की। यह समीक्षा बैठक हरदोई के विवेकानंद सभागार में बुलाई गई थी, जिसमें विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।

लंबित और अस्वीकृत आवेदनों पर जताई चिंता

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित या अस्वीकार न किया जाए। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, केनरा बैंक, आर्यावर्त बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में बड़ी संख्या में लंबित और अस्वीकृत आवेदनों पर गंभीर चिंता जताई।

बैंकों की निष्क्रियता पर कड़ी चेतावनी

जिलाधिकारी अनुनय झा ने साफ कहा कि जो बैंक इस योजना में सहयोग नहीं कर रहे हैं, उनके प्रबंधकों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि यदि किसी आवेदन में मामूली त्रुटियाँ हैं, तो उन्हें अस्वीकार करने की बजाय आवेदकों को सूचित कर सुधार का अवसर दिया जाए।

प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद

इस अवसर पर उपायुक्त उद्योग हर्ष प्रताप सिंह, लीड बैंक मैनेजर (LDM) अरविन्द रंजन तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी से अपेक्षा की गई कि योजना के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग करें।

निष्कर्ष:

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है। लेकिन जब बैंक अपने अड़ियल रवैये के कारण इसमें बाधा उत्पन्न करें, तो यह न केवल योजना के उद्देश्य को विफल करता है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ भी अन्याय करता है। अब यह समय की मांग है कि बैंकिंग तंत्र भी जिम्मेदारी से कार्य करे और युवाओं के सपनों को साकार करने में प्रशासन का साथ दे।