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गढ़मुक्तेश्वर में तहसील दिवस पर श्री गुरु तेगबहादुर साहिब मार्ग नामकरण हेतु जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया

 गढ़मुक्तेश्वर में तहसील दिवस पर श्री गुरु तेगबहादुर साहिब मार्ग नामकरण हेतु जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया


गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) अनुरीत टाइम्स न्यूज 

तहसील दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सिख मिशन हापुड़ के प्रभारी सरदार बृजपाल सिंह के नेतृत्व में धर्म प्रचार कमेटी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर का एक प्रतिनिधिमंडल गढ़मुक्तेश्वर तहसील कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नक्का कुआं जाने वाले मार्ग का नाम "श्री गुरु तेगबहादुर साहिब मार्ग" रखने की मांग को लेकर जिलाधिकारी हापुड़ श्री आशीष पांडे को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।





सरदार बृजपाल सिंह ने बताया कि यह मार्ग गुरु साहिब की शहादत और उनके त्याग के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। यह मार्ग सिख धर्म के नौवें गुरु श्री गुरु तेगबहादुर साहिब जी के चरणों से जुड़ा हुआ है और श्रद्धालु हर वर्ष बड़ी संख्या में इस मार्ग से गुज़रते हैं। ऐसे में इस मार्ग का नामकरण गुरु साहिब के नाम पर होना न केवल श्रद्धालुओं के लिए गर्व की बात होगी, बल्कि यह ऐतिहासिक महत्व को भी संजोएगा।


जिलाधिकारी श्री आशीष पांडे ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को गंभीरता से लेते हुए कहा कि वे जल्द ही इस विषय में रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में पूरी तत्परता दिखाएगा और इस मांग को उचित दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।


ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में गुरुद्वारा नक्का कुआं के ग्रंथी सरदार लवप्रीत सिंह, सरदार गुरमुख सिंह, सरदार जसविंदर सिंह, एवं सरदार नरेंद्र सिंह सहित कई प्रमुख सदस्य उपस्थित थे। सभी ने इस मांग को न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बताया।


गढ़मुक्तेश्वर के स्थानीय निवासी एवं श्रद्धालु इस मांग का समर्थन करते हुए कहते हैं कि गुरु तेगबहादुर साहिब की शहादत को सम्मानित करने के लिए इस मार्ग का नामकरण आवश्यक है। इससे क्षेत्र का धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा और गढ़मुक्तेश्वर की सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होगी।


सरदार बृजपाल सिंह ने कहा, "यह मांग न केवल सिख समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि हम अपने इतिहास और धर्म के प्रति सदैव सम्मान और श्रद्धा बनाए रखें।"