Anureet Times Network
Anureet Times News
BREAKING
Welcome to Anureet Times - Your trusted source for professional news and digital TV streaming. Stay tuned for live updates.

रेलवे पटरी के नीचे पानी आने से रेल संचालन ठप, भारी बारिश ने बढ़ाई चिंता

 रेलवे पटरी के नीचे पानी आने से रेल संचालन ठप, भारी बारिश ने बढ़ाई चिंता


अनुरीत टाइम्स, लखीमपुर खीरी

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मैलानी-नानपारा रेल मार्ग पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इस मार्ग पर रेलवे ट्रैक के नीचे से पानी रिसने की वजह से कटाव का खतरा पैदा हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस रूट पर ट्रेनों का संचालन 15 जुलाई 2025 तक रोक दिया है।

रेलवे विभाग के अनुसार, 1 जुलाई से शुरू हुई मूसलधार बारिश ने रेलवे ट्रैक की नींव को नुकसान पहुंचाया है। भिरा रोड से पलिया स्टेशन के बीच ट्रैक के नीचे से पानी बह रहा है, जिससे पटरियों के नीचे की मिट्टी कटने लगी है। यह स्थिति किसी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, इसलिए सभी ट्रेनों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।

मौके पर प्रशासनिक और तकनीकी टीम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ADM नरेंद्र बहादुर सिंह ने मौके का निरीक्षण किया और रेलवे अभियंताओं को निर्देश दिए कि ट्रैक को जल्द से जल्द सुरक्षित किया जाए। मौके पर एसएसबी जवान, गुरुद्वारा सेवा समिति, ग्रामीण और रेलवे कर्मचारी मिलकर बालू की बोरियों और पत्थरों से कटाव रोकने का प्रयास कर रहे हैं।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब तक ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक कोई भी ट्रेन इस मार्ग से नहीं चलाई जाएगी। फिलहाल अनुमान है कि 15 जुलाई तक मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा, पर स्थिति की निगरानी लगातार जारी है।

यात्रियों की परेशानी बढ़ी

इस मार्ग पर प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं, खासकर ग्रामीण और किसान वर्ग। ट्रेनों के ठप होने से लोगों को वैकल्पिक साधनों की ओर रुख करना पड़ रहा है। लोग अब बस सेवा या निजी वाहनों के माध्यम से सफर कर रहे हैं, जिससे समय और खर्च दोनों में इजाफा हो रहा है।

रेलवे की अपील

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले संबंधित स्टेशन से जानकारी अवश्य लें और यदि संभव हो तो यात्रा स्थगित कर दें। प्रशासन भी लोगों से सहयोग की अपील कर रहा है।

अनुरीत टाइम्स की विशेष रिपोर्ट

लखीमपुर खीरी की यह स्थिति यह दर्शाती है कि मानसून का मौसम भले ही राहत लेकर आता है, लेकिन अगर समय रहते इंतज़ाम न हों तो वह बड़ी मुसीबत भी बन सकता है।