लखनऊ में बिजली कर्मियों का निजीकरण के खिलाफ आंदोलन, पावर कॉरपोरेशन सख्त

अनुरीत टाइम्स | लखनऊ
प्रदेश में बिजली कम्पनियों के निजीकरण के विरोध में आज कर्मचारियों ने व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अध्यक्ष ने इस आंदोलन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने कहा है कि यदि आंदोलन के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित की गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। खास तौर पर चेतावनी दी गई है कि यदि किसी क्षेत्र में जानबूझकर सप्लाई रोकी जाती है, तो मुख्य अभियंता से लेकर अधीनस्थ तक कार्रवाई की जद में आएंगे।

कर्मचारियों को बर्खास्त करने की चेतावनी
कॉरपोरेशन अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक सेवाओं में बाधा डालने वाले कर्मचारियों को निलंबन के साथ-साथ बर्खास्त भी किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और आपातकालीन स्थिति में वैकल्पिक प्रबंध पहले से मौजूद रहें।

शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति, लेकिन सेवा बाधित करने पर कार्रवाई तय
प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन संविधानिक अधिकार है, लेकिन जनहित की सेवाओं में बाधा डालना अस्वीकार्य है।

प्रदेश भर में बिजली कर्मचारी यूनियनों ने निजीकरण के खिलाफ लामबंदी कर रखी है और कई जिलों में सभा व धरना-प्रदर्शन की योजना है। वहीं सरकार ने भी स्थिति पर नजर रखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

> ⚡ अखबार की नज़र में: जनता की सेवा सर्वोपरि है। विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, पर बिजली जैसी आवश्यक सेवा की निरंतरता भी उतनी ही जरूरी है।