लक्ष्य से पीछे आयुष्मान योजना, जिलाधिकारी ने जताई कड़ी नाराजगी
लक्ष्य से पीछे आयुष्मान योजना, जिलाधिकारी ने जताई कड़ी नाराजगी
अनुरीत टाइम्स | हरदोई
हरदोई के विवेकानंद सभागार में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में आयुष्मान मित्रों की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद में चल रही आयुष्मान भारत योजना की प्रगति का समीक्षा किया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और सभी संबंधित अधिकारियों तथा आयुष्मान मित्रों को सख्त हिदायत दी कि वे अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवा प्रदान करना है, लेकिन लक्ष्य से पीछे रहने के कारण योजना के वास्तविक लाभार्थियों तक सेवाएं सही ढंग से नहीं पहुंच पा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इलाज केवल उन्हीं अस्पतालों में किया जाना चाहिए जो इस योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं और जहां योजना के नियमों का सख्ती से पालन होता हो।
बैठक के दौरान शाहाबाद के अधीक्षक की अनुपस्थिति ने जिलाधिकारी की नाराजगी को और गहरा किया। अनुनय झा ने कहा कि ऐसे समय में जब स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत ज्यादा है, वहां अधिकारियों का सहयोग न मिलना गम्भीर मामला है। इसके साथ ही जिला चिकित्सालय में भी निर्धारित लक्ष्य पूरे न होने पर उन्होंने संबंधित प्रबंधन और आयुष्मान मित्रों को चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ तो कड़े कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं और आयुष्मान मित्रों से आग्रह किया कि वे बेहतर समन्वय स्थापित कर योजना के प्रति समर्पित होकर काम करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग योजना का लाभ उठा सकें। जिलाधिकारी ने कहा, "हमारा फोकस यह सुनिश्चित करना है कि हर गरीब परिवार तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचें और उन्हें इलाज में किसी भी तरह की बाधा न आए।"
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी धीरेन्द्र सिंह, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने योजना के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। सभी ने योजना को बेहतर बनाने और लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा की।
इस कड़ी बैठक के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अब योजना के कार्यान्वयन में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुष्मान मित्रों को भी प्रेरित किया गया है कि वे मरीजों तक पहुंच बढ़ाएं और हर संभव मदद सुनिश्चित करें।