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आगरा धर्मांतरण रैकेट का मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार, ‘लव जिहाद’ की शिकार हिंदू लड़की भी बरामद

आगरा धर्मांतरण रैकेट का मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार, ‘लव जिहाद’ की शिकार हिंदू लड़की भी बरामद

आगरा। आगरा पुलिस ने एक बड़े धार्मिक परिवर्तन रैकेट का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने एक हिंदू लड़की को भी बरामद किया है, जो कथित तौर पर ‘लव जिहाद’ की शिकार बताई जा रही है। इससे पहले पुलिस ने इस गिरोह के दस अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था, जिन्हें 10 दिन की रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

गिरोह की कार्यप्रणाली और आरोप

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह वर्षों से व्यवस्थित तरीके से हिंदू लड़कियों को फंसाकर उनके धर्मांतरण का काम कर रहा था। गिरोह के सदस्यों द्वारा लड़कियों को मोहल्लों, कॉलेजों और सोशल मीडिया के जरिए प्रभावित कर उनके साथ प्रेम जाल बुनने के बाद जबरन या दबाव में उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता था। अब्दुल रहमान इस गिरोह का मास्टरमाइंड था, जो सगी बहनों के धर्मांतरण की योजना बनाता और उसे अंजाम देता था।

गिरफ्तार आरोपी पर आरोप है कि वह विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समारोहों के बहाने परिवारों में घुसपैठ करता था और वहां धर्मांतरण के लिए उपयुक्त लड़कियों को चिन्हित करता था। बाद में उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता था ताकि वे अपने ‘लव जिहाद’ के एजेंडे को अंजाम दे सकें।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

आगरा पुलिस ने कई महीनों की गुप्त जांच के बाद यह गिरोह पकड़ने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है, जहां वह छिपा हुआ था। इसके साथ ही उसके घर से ‘लव जिहाद’ की शिकार एक हिंदू लड़की को भी मुक्त कराया गया है, जो मानसिक और शारीरिक रूप से दबाव में थी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब्दुल रहमान से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनकी मदद से गिरोह के अन्य सदस्य और सहयोगी भी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे। पूछताछ में यह भी पता चला है कि इस गिरोह के पास फर्जी दस्तावेज और धार्मिक प्रमाणपत्र भी थे, जिनका इस्तेमाल वे धर्मांतरण को वैध दिखाने के लिए करते थे।

सामाजिक और कानूनी पहलू

यह मामला समाज में ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण के बढ़ते मामलों पर एक सख्त चेतावनी भी है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस दोनों ही इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर सभी को सुरक्षा मिलेगी, लेकिन किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आगरा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “धर्मांतरण एक संवेदनशील विषय है, लेकिन जब यह जबरन या धोखे से किया जाता है तो वह गैरकानूनी और गैरकृत्रिम होता है। हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं कि इस गिरोह को जड़ से खत्म किया जाए और पीड़ितों को न्याय मिले।”

आगे की कार्यवाही

पुलिस ने अब्दुल रहमान और अन्य गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। 10 दिन की रिमांड के दौरान उनके कब्जे से मिले दस्तावेजों और मोबाइल फोन की पड़ताल की जाएगी ताकि गिरोह के अन्य सदस्य और उसके नेटवर्क का पता चल सके। इस मामले को लेकर प्रशासन भी लगातार निगरानी कर रहा है।

समाज में धर्म और आस्था की मर्यादा बनाए रखने के लिए इस तरह के अपराधों पर सख्त नजर रखी जा रही है। आगरा पुलिस की इस गिरफ्तारी से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में इस प्रकार के गिरोहों की सक्रियता पर लगाम लगेगी और युवाओं को सही मार्ग पर आने के लिए प्रेरित किया जाएगा।