कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की मासिक बैठक सम्पन्न गांव-गांव जाकर दलितों से संवाद करेगी कांग्रेस, अनुसूचित जाति विभाग चलाएगा "दलित पंचायत" अभियान
हरदोई, 1 अगस्त 2025। कांग्रेस पार्टी का अनुसूचित जाति विभाग अब ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर दलित समाज से सीधा संवाद स्थापित करेगा। इस उद्देश्य से विभाग ने "दलित पंचायत अभियान" शुरू करने का फैसला लिया है, जिसके अंतर्गत हर गांव में चौपाल लगाकर दलितों की समस्याएं सुनी जाएंगी और संगठन से जोड़ा जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा आज कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की मासिक बैठक में की गई, जो जिला कांग्रेस कार्यालय हरदोई में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष विनीत कुमार वर्मा ने की। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम पांडे, शहर अध्यक्ष अनुपम दीक्षित और पीसीसी सदस्य अमलेंद्र त्रिपाठी मौजूद रहे। बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता, प्रतिनिधि और संगठन से जुड़े बुद्धिजीवी वर्ग शामिल हुए। दलित पंचायत अभियान की घोषणा: कांग्रेस गांवों में लगाएगी चौपाल जिला अध्यक्ष विनीत कुमार वर्मा ने कहा: > "बाबा साहब डॉ. अंबेडकर के सपनों को साकार करने का काम कांग्रेस पार्टी ही कर सकती है। हम गांव-गांव जाकर दलित चौपाल लगाएंगे, जहां न केवल समस्याएं सुनी जाएंगी बल्कि संगठन का विस्तार भी किया जाएगा। जिला कमेटी शीघ्र ही ऐसे गांवों की सूची जारी करेगी जहाँ यह अभियान चलेगा।" अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस की रीढ़: विक्रम पांडे विक्रम पांडे ने कहा: > "यह विभाग कांग्रेस संगठन की रीढ़ है। इसकी ताकत बढ़ेगी तो पार्टी की जड़ें और मजबूत होंगी। हर कार्यकर्ता को अब गांव-गांव जाकर संगठन को जीवित और गतिशील बनाना होगा।" दलितों का विश्वास कांग्रेस की ओर: अनुपम दीक्षित अनुपम दीक्षित ने कहा: > "दलित समाज कांग्रेस की ओर आशा से देख रहा है। राहुल गांधी का नेतृत्व दलितों को राजनीतिक ताकत और सामाजिक सम्मान देने का कार्य कर रहा है। हम दलितों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ने को तैयार हैं।" कांग्रेस दलितों की एकमात्र सच्ची आवाज़: अमलेंद्र त्रिपाठी बैठक में बोलते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य (पीसीसी) अमलेंद्र त्रिपाठी ने कहा: > "आज अगर कोई राजनीतिक दल दलित समाज की असली आवाज़ बनकर खड़ा है, तो वह कांग्रेस है। यह कांग्रेस ही थी जिसने संविधान दिया, आरक्षण लागू किया और दलित समाज को सामाजिक न्याय की मुख्यधारा से जोड़ा। आज जब देश में संविधानिक मूल्यों पर हमले हो रहे हैं, तब दलितों को एक बार फिर कांग्रेस का झंडा थामना होगा।" उन्होंने कार्यकर्ताओं को ज़मीनी स्तर पर काम करने और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने का आह्वान किया। > "दलित पंचायत अभियान केवल संगठनात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि संविधान बचाओ आंदोलन की नींव है। बाबा साहब का सपना तभी पूरा होगा जब गांव-गांव में संविधान की बात होगी, बराबरी की बात होगी और कांग्रेस की विचारधारा हर द्वार तक पहुंचेगी।" अन्य निर्णय और उपस्थिति बैठक में संगठन विस्तार, ब्लॉक स्तर पर सम्मेलन, गांवों में कार्यकर्ता संपर्क, महिला सहभागिता और प्रशिक्षण शिविर जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रमुख उपस्थिति में शामिल रहे – पी.पी. वर्मा, अजीत विशाल, राजेंद्र वर्मा, आशीष त्रिपाठी, रामबली वर्मा, कुसुमा देवी, डॉ. राजकिशोर, अरविंद कुमार, पंकज कुमार, दुर्गेश वर्मा, शिवलाल वर्मा, राम रंगीले, विनोद कुमार, राम रानी, अरविंद कुमार द्वितीय, सर्वेश कुशवाहा, सुमन वर्मा सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। जय संविधान, जय भीम, जय कांग्रेस के नारों से हुआ समापन बैठक का समापन प्रेरणादायक नारों के साथ हुआ। यह स्पष्ट है कि कांग्रेस का अनुसूचित जाति विभाग अब सिर्फ एक विभाग नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की लड़ाई का जनआंदोलन बनकर उभरने जा रहा है।