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विभाजन विभीषिका दिवस पर पार्क से गांधी भवन तक निकाला गया कैण्डल मार्च

विभाजन विभीषिका दिवस पर पार्क से गांधी भवन तक निकाला गया कैण्डल मार्च

आँखों में आँसू, हाथों में मोमबत्ती और दिलों में देशभक्ति का जज़्बा
हरदोई। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जनपद में विभाजन विभीषिका दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के अंबेडकर पार्क से गांधी भवन तक एक भावपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च का नेतृत्व जिलाधिकारी अनुनय झा एवं पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने किया। उनके साथ जनपद के सभी वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मोमबत्तियों की रोशनी और मौन की गंभीरता ने पूरे वातावरण को गमगीन बना दिया। गांधी भवन पहुँचने पर विभाजन विभीषिका पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। प्रदर्शनी में विभाजन की विभीषिका, खून-खराबे और लाखों लोगों के विस्थापन से जुड़ी तस्वीरें और दस्तावेज़ प्रदर्शित किए गए, जिन्हें देखकर उपस्थित लोगों की आँखें नम हो उठीं।

कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी झेलने वाले परिवारों के सदस्य भी शामिल हुए। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने उनके साथ संवाद किया, उनकी पीड़ा सुनी और उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। यह पल इतना भावुक था कि उपस्थित हर व्यक्ति की आँखें भर आईं।

जिलाधिकारी अनुनय झा ने कहा कि “विभाजन केवल भौगोलिक सीमाओं का बँटवारा नहीं था, बल्कि यह लाखों परिवारों की पीड़ा, मजबूरी और आँसुओं की कहानी है। हमें इससे सीख लेनी चाहिए कि समाज में एकता, भाईचारा और सद्भाव ही सबसे बड़ा धर्म है।”

पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने भी कहा कि “यह दिन हमें उन शहीदों और पीड़ितों की याद दिलाता है जिन्होंने अपनों को खोया, अपने घर-आँगन को छोड़ा, लेकिन देश की अखंडता और स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया।”

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा, अपर जिलाधिकारी विरा प्रियंका सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रफुल्ल त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिवेदी सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

गांधी भवन से निकलते समय एक ही संदेश गूँज रहा था –
"विभाजन की त्रासदी को याद रखना है, और एकजुट होकर देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना है।"