मऊ में बड़ा भंडाफोड़ — एंटी करप्शन टीम ने हलधरपुर थाने के दरोगा अजय सिंह को ₹20,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
जमीनी विवाद में पीड़ित से मांगे थे पैसे, एंटी करप्शन टीम ने रचा ऐसा जाल कि दरोगा जी की हो गई किरकिरी

मऊ।
मऊ जनपद से एक बार फिर पुलिस विभाग की साख पर दाग लगाने वाली बड़ी खबर सामने आई है।
हलधरपुर थाना क्षेत्र में तैनात दरोगा अजय सिंह को एंटी करप्शन की टीम ने ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामला एक छोटे से जमीनी विवाद से जुड़ा था, जिसमें दरोगा ने पीड़ित युवक से रुपये की मांग कर दी।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक के घरवालों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी प्रकरण में दरोगा अजय सिंह ने कार्रवाई के नाम पर ₹20,000 की मांग कर दी। युवक ने जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो दरोगा ने कहा कि “पैसे दो, तभी केस में तुम्हारा पक्ष सही चलेगा।”

युवक शिक्षित और जागरूक था। उसने चालाकी से कहा —

> “दरोगा जी, एक घंटा दीजिए, मैं पैसे लेकर आता हूं।”

लेकिन पैसे लाने की बजाय युवक ने तुरंत एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 9454402484 पर कॉल किया और पूरी घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही एंटी करप्शन टीम हरकत में आई। उन्होंने युवक को केमिकल लगे नोट दिए और खुद सिविल कपड़ों में उसके साथ हलधरपुर थाने की ओर रवाना हुए।

थाने के बाहर पहुंचने के बाद युवक ने दरोगा अजय सिंह को फोन कर कहा —

> “दरोगा जी, आपके ₹20,000 का इंतज़ाम हो गया है, मैं थाने के बाहर हूं।”

चालाक दरोगा ने कहा —

> “बाहर जो जूस वाला बैठा है, उसे दे दो, मैं अभी ले लूंगा।”

युवक ने वैसा ही किया और पैसे जूस वाले को थमा दिए।
एंटी करप्शन टीम पहले से आसपास मौजूद थी। कुछ ही देर बाद जब दरोगा अजय सिंह जूस वाले से वही पैसे लेकर अपनी जेब में रखने लगे, तभी टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।

जैसे ही टीम ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की, दरोगा अजय सिंह हाथ जोड़कर फूट-फूट कर रोने लगे, लेकिन एंटी करप्शन टीम ने किसी बात की परवाह किए बिना उन्हें कस्टडी में ले लिया।
टीम ने मौके से सभी सबूत, केमिकल लगे नोट, और संबंधित व्यक्ति के बयान दर्ज किए।

सूत्रों के अनुसार, एंटी करप्शन टीम उन्हें पूछताछ के लिए मऊ मुख्यालय लेकर गई, जहां पूरे प्रकरण की वीडियोग्राफी और केस रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की जा रही है।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, यह मऊ जिले में पिछले छह महीनों में चौथा मामला है जब किसी पुलिस अधिकारी या कर्मी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया हो।
लोगों ने कहा कि “अब जनता पहले से ज्यादा जागरूक हो चुकी है, सिस्टम के डर के बिना भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने लगी है।”

वहीं, पुलिस विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारी इस घटना से बेहद नाराज़ बताए जा रहे हैं।
मऊ एसपी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि

> “भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

— अनुरीत टाइम्स न्यूज़, मऊ