फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले शिक्षक की सेवा समाप्त, मुकदमा दर्ज!लखनऊ विश्वविद्यालय से सत्यापन में प्रमाणपत्र निकले फर्जी, बीएसए ने दिए सख्त निर्देश
फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले शिक्षक की सेवा समाप्त, मुकदमा दर्ज!
लखनऊ विश्वविद्यालय से सत्यापन में प्रमाणपत्र निकले फर्जी, बीएसए ने दिए सख्त निर्देश
हरदोई।
जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक सूरज पाल की नौकरी अब इतिहास बन चुकी है — कारण साफ है, फर्जी डिग्री से मिली नौकरी का पर्दाफाश।
शिक्षा विभाग की सख्त जांच में खुलासा हुआ कि शिक्षक ने अपने नियुक्ति पत्र के साथ जो शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र (बी.ए. वर्ष 2005 और बी.एड. वर्ष 2006) प्रस्तुत किए थे, वे असली नहीं बल्कि जाली थे।
मामले का सत्यापन लखनऊ विश्वविद्यालय से कराया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि सूरज पाल नाम के किसी भी विद्यार्थी ने न तो उन सत्रों में बी.ए. किया और न ही बी.एड.। जब रिपोर्ट आई, तो शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), हरदोई ने तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए।
बीएसए ने कहा कि “शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज़ों से प्रवेश करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने निर्देश दिए कि सूरज पाल को सेवा अवधि में मिले वेतन और भत्तों की वसूली की कार्रवाई भी प्रारंभ की जाए, ताकि सरकारी धन की एक-एक पाई की भरपाई हो सके।
इसी के साथ कोतवाली पुलिस में भी मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी शिक्षक पर धोखाधड़ी, कूट रचना और सरकारी विभाग को गुमराह करने की धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
फिलहाल पुलिस उसकी शैक्षिक पृष्ठभूमि और बाकी संभावित सहयोगियों की जाँच में जुटी है।
विभागीय अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का ऑनलाइन सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि “फर्जी दस्तावेज़ों से नौकरी पाने वालों के लिए अब शिक्षा विभाग में कोई जगह नहीं है — चाहे वह नया नियुक्त हो या पुराना।”
इस पूरे घटनाक्रम से क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों और अध्यापक समुदाय में चर्चा का माहौल है। कई शिक्षकों ने कहा कि यह कदम देर से सही, मगर बेहद आवश्यक था। इससे न केवल विभाग की साख मजबूत होगी, बल्कि योग्य अभ्यर्थियों को भी न्याय मिलेगा।
— अनुरीत टाइम्स न्यूज़, टड़ियावां (हरदोई)