लाल किले धमाका: डॉक्टरों का ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’, डॉक्टर उमर की आत्मघाती साजिश का हुआ खुलासा
लाल किले धमाका: डॉक्टरों का ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’, डॉक्टर उमर की आत्मघाती साजिश का हुआ खुलासा
एनआईए जांच में सामने आई अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर और मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े चार आतंक संदिग्धों की कहानी
नई दिल्ली।
देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अब इस मामले में जो खुलासे हो रहे हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। जांच एजेंसियों ने पाया है कि धमाके के पीछे चार डॉक्टरों का एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल सक्रिय था। इनमें से तीन डॉक्टरों — डॉ. शाहीन सईद, डॉ. मुझम्मिल गनई, और डॉ. शाहीद शेख — को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। चौथा डॉक्टर उमर नबी फरार था, जो कथित रूप से आत्मघाती हमले में मारा गया।
धमाका 11 नवंबर की शाम दिल्ली के सुभाष मार्ग पर हुआ था। एक ह्युंडई i20 कार में हुए विस्फोट से आस-पास के कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। मौके पर 12 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। पुलिस को कार के मलबे से एक झुलसा हुआ शव मिला, जिसे डीएनए जांच के लिए भेजा गया है — आशंका है कि वही डॉक्टर उमर का है।
एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। शुरुआती जांच में पता चला है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर का इस्तेमाल हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि डॉक्टरों का यह नेटवर्क फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ था, जहां से बड़ी मात्रा में विस्फोटक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीद हुई थी।
पुलिस ने फरीदाबाद और लखनऊ में छापेमारी कर कई डिजिटल सबूत, लैपटॉप और दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में यह भी पता चला है कि डॉक्टर उमर पहले पुलवामा में कार्यरत था और वहीं से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ गया था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने धमाके में मारे गए पीड़ितों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। दिल्ली को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रखा गया है और सीमाओं पर कड़ी निगरानी की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बयान जारी करते हुए कहा कि —
> “दिल्ली में हुए इस कायरतापूर्ण हमले के पीछे जो भी साजिशकर्ता हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
फिलहाल एनआईए, दिल्ली पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो मिलकर इस पूरे नेटवर्क की जड़ों को खंगाल रही हैं। माना जा रहा है कि यह मॉड्यूल सिर्फ दिल्ली ही नहीं, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र तक फैला हुआ था।
— अनुरीत टाइम्स न्यूज़, नई दिल्ली