जीपीएस ने नन्हें छात्रों को कराई कानपुर चिड़ियाघर की सैरबच्चों ने सीखा प्रकृति से जुड़ाव, जानवरों के व्यवहार और पर्यावरण संरक्षण का महत्व
जीपीएस ने नन्हें छात्रों को कराई कानपुर चिड़ियाघर की सैर बच्चों ने सीखा प्रकृति से जुड़ाव, जानवरों के व्यवहार और पर्यावरण संरक्षण का महत्व
टड़ियावां (हरदोई)।
लिलवल मार्ग स्थित गौतम बुद्ध पब्लिक स्कूल ने अपने नन्हें-मुन्ने विद्यार्थियों के लिए एक विशेष शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया। इस यात्रा के तहत विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों को कानपुर जूलॉजिकल पार्क (चिड़ियाघर) की सैर कराई।
सुबह विद्यालय परिसर से रवाना हुए उत्साहित बच्चों का जोश देखते ही बनता था। यात्रा के दौरान बच्चों के साथ उनके शिक्षकगण, सहयोगी स्टाफ और कुछ अभिभावक भी शामिल रहे। सभी ने मिलकर सफर के दौरान गीत गाए, खेल खेले और पूरे रास्ते उत्साह का माहौल बना रहा।
कानपुर पहुँचने पर बच्चों का स्वागत हरियाली और विविध प्रजातियों वाले जीव-जंतुओं ने किया। नन्हें विद्यार्थियों ने पहली बार बाघ, हाथी, हिरण, तोता, मोर, बंदर और कई दुर्लभ पक्षियों को नज़दीक से देखा। शिक्षकों ने उन्हें हर जीव के बारे में सरल शब्दों में जानकारी दी — जैसे कौन-सा जानवर मांसाहारी है, कौन-सा शाकाहारी, और पर्यावरण के संतुलन में इनकी क्या भूमिका है।
विद्यालय के संरक्षक अनिल कुमार गौतम ने बताया कि इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबों से परे वास्तविक जीवन से सीख दिलाना था। उन्होंने कहा,
“प्रकृति सबसे बड़ा शिक्षक है। बच्चे जब जीव-जंतुओं को अपनी आँखों से देखते हैं, तो उनमें संवेदनशीलता और समझ दोनों का विकास होता है।”
विद्यालय की प्रबंधक नीतू सिंह ने बताया कि बच्चों में इस यात्रा को लेकर अपार उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में टीमवर्क, अनुशासन और जिज्ञासा की भावना जगाने में मदद करते हैं।
चिड़ियाघर भ्रमण के बाद सभी बच्चों को पार्क में लंच कराया गया, जहाँ उन्होंने साथ बैठकर भोजन किया और अपने अनुभव साझा किए। वापसी के दौरान बच्चे थके जरूर थे, लेकिन चेहरे पर मुस्कान और दिल में नए अनुभवों का जोश साफ झलक रहा था।
यात्रा के अंत में अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन की इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ बच्चों के समग्र विकास में बहुत मददगार साबित होती हैं।
— अनुरीत टाइम्स, हरदोई