लखनऊ में UP STF की सबसे बड़ी कार्रवाई — उजरियावां में अवैध ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन फैक्ट्री का पर्दाफाश
गाजियाबाद से आता था ऑक्सीटोसिन पाउडर, पूरे प्रदेश में होती थी अवैध सप्लाई — दो आरोपी गिरफ्तार, फैक्ट्री सील

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)।
राजधानी लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता मिली है। टीम ने रविवार को उजरियावां इलाके में एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने वाली अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में STF ने दो आरोपियों — कयूम अली और मोहम्मद इब्राहिम — को मौके से गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, STF को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि राजधानी के बाहरी इलाके में अवैध औषधि निर्माण इकाई संचालित की जा रही है। जब छापेमारी की गई तो अंदर का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए — वहाँ ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के सैकड़ों पैकेट, पाउडर, खाली बोतलें, सीलर, सिरका, फिनॉल और नमक जैसी रासायनिक सामग्री पाई गईं, जिनका प्रयोग इंजेक्शन तैयार करने में किया जा रहा था।

पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र से ऑक्सीटोसिन पाउडर मंगवाता था, जिसे लखनऊ में मिलाकर इंजेक्शन के रूप में पैक किया जाता था। फिर इन्हें आसपास के जिलों — बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, और उन्नाव में डेयरी व्यवसायियों और पशुपालकों को बेचा जाता था। आरोपियों ने माना कि वे यह इंजेक्शन किसानों को पशुओं से अधिक दूध निकालने के लिए बेचते थे, जबकि यह पदार्थ कानूनन प्रतिबंधित है और इसके दुष्प्रभाव अत्यंत गंभीर हैं।

औषधि विभाग की टीम ने मौके से औषधि के नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद ऑक्सीटोसिन मानव उपयोग के लिए पूरी तरह असुरक्षित था और इससे न केवल पशुओं को नुकसान होता है बल्कि दूध पीने वालों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ता है।

STF ने फैक्ट्री में रखी मशीनें, मिक्सर, सीलिंग यूनिट, और कच्चा माल जब्त कर लिया है। पुलिस का अनुमान है कि यह इकाई कई महीनों से सक्रिय थी और अब तक सैकड़ों इंजेक्शन बाजार में उतारे जा चुके हैं।

जांच अधिकारी का बयान:
“यह संगठित अपराध का मामला है। ऑक्सीटोसिन का दुरुपयोग पूरे प्रदेश में फैल रहा था। हम गाजियाबाद से लेकर लखनऊ तक इस नेटवर्क की कड़ियाँ जोड़ रहे हैं। मुख्य सप्लायरों और वित्तीय मददगारों की तलाश जारी है,” — ऐसा कहना है STF के वरिष्ठ अधिकारी का।

अवैध फैक्ट्री को तत्काल सील कर दिया गया है और आरोपियों के खिलाफ औषधि अधिनियम, खाद्य सुरक्षा कानून, और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। टीम अब गाजियाबाद और आसपास के जिलों में भी रेड की तैयारी कर रही है।

गांव के लोगों ने बताया कि यह फैक्ट्री बाहर से “केमिकल गोदाम” के नाम पर चल रही थी और कोई नहीं जानता था कि अंदर खतरनाक दवाएँ तैयार हो रही हैं।

इस पूरे ऑपरेशन में STF की टीम के साथ-साथ औषधि विभाग, स्थानीय पुलिस, और खुफिया इकाई भी शामिल रही। कार्रवाई के बाद से लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मचा है।

— अनुरीत टाइम्स न्यूज़, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)