फर्जीवाड़े पर वाराणसी पुलिस का शिकंजा: फर्जी वसीयतनामा मामले में 'गवाह' गिरफ्तार! क्या आपने कभी सोचा है कि संपत्ति के कागजात में एक छोटी सी 'झूठी गवाही' आपको सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है? वाराणसी में घटी यह घटना यही साबित करती है। वाराणसी के कैंट थाने की पुलिस ने फर्जी वसीयतनामा (Fake Will) तैयार कराने के एक हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। इस केस में कथित तौर पर झूठी गवाही देने वाले मुख्य आरोपी राजीव राय को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो संपत्ति विवादों को सुलझाने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं। मामला क्या है, और 'गवाह' कैसे बना आरोपी? यह पूरा विवाद अधिवक्ता शिव प्रकाश के परिवार से जुड़ा है। आरोप है कि उनके भाई सत्यप्रकाश ने अपनी मां के नाम पर फर्जी वसीयतनामा बनवा लिया था, ताकि वह सारी संपत्ति हड़प सकें। यहीं एंट्री होती है गिरफ्तार आरोपी राजीव राय की। राजीव राय इस फर्जी वसीयतनामे में एक गवाह के रूप में शामिल थे। जांच में पाया गया कि उन्होंने जानबूझकर और धोखे से झूठी गवाही दी थी, जिससे फर्जी दस्तावेज क...