🏛️ दिल्ली विधानसभा का फांसी घर विवाद: इतिहास की खोज या सियासी साज़िश? दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर नया मोड़ आया है — और इस बार मुद्दा है इतिहास, विरासत और सच्चाई का। विधानसभा परिसर में स्थित एक पुराने कमरे को लेकर उठा विवाद अब राजनीति के केंद्र में है। आम आदमी पार्टी (आप) इसे ब्रिटिश काल का फांसी घर बता रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसे "टिफिन रूम" करार दे रही है। सवाल उठता है: क्या यह सच में फांसी घर था, या एक राजनीतिक कथा गढ़ी गई है? --- 🔍 मामला क्या है? वर्ष 2022 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा परिसर में एक स्थान का उद्घाटन किया, जिसे आप सरकार ने ब्रिटिश शासन का “फांसी घर” बताया। बताया गया कि यहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी, और इस स्थान को आम जनता के लिए एक विरासत स्मारक के रूप में खोला गया। लेकिन अब इस दावे पर सवाल उठने लगे हैं। --- 🏛️ भाजपा का विरोध और सबूत दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष और भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने आप सरकार पर ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने 1912 के आधिकारिक नक्शे का हवाला...