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Showing posts from November 10, 2025

स्वतंत्रता दिवस पर बहरैया में डिजिटल लाइब्रेरी एवं अन्नपूर्णा भवन का शुभारंभ, शिक्षा और विकास को मिली नई दिशा

ख़बर का असर: एसडीएम साहब ने बदला फैसला, फिर शुरू करवाया निर्माण कार्यपहले दिए थे रोक के मौखिक आदेश, अब खुद दिलाया न्याय — ग्रामीणों ने कहा “सच्चाई की जीत हुई”

ख़बर का असर: एसडीएम साहब ने बदला फैसला, फिर शुरू करवाया निर्माण कार्य पहले दिए थे रोक के मौखिक आदेश, अब खुद दिलाया न्याय — ग्रामीणों ने कहा “सच्चाई की जीत हुई” कुतलुपुर, बिलग्राम (हरदोई)। अनुरीत टाइम्स की ख़बर का बड़ा असर हुआ है। वही एसडीएम बिलग्राम, जिन्होंने कुछ दिन पहले मौखिक आदेश देकर कुतलुपुर गांव में निर्माण कार्य रुकवाया था, अब उन्हीं के निर्देश पर काम दोबारा शुरू करवा दिया गया है। गांव के गाटा संख्या 279, 280, 281 और 282 से जुड़े इस विवादित भूमि बंटवारे में पहले से ही प्रशासनिक आदेश पारित हो चुका था और दोनों पक्षों को विधिवत कब्ज़ा भी दिलाया गया था। इसके बावजूद, एसडीएम साहब ने मौखिक निर्देश देकर निर्माण कार्य रोकवा दिया था, जिससे प्रार्थी पक्ष में भारी नाराज़गी और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। अनुरीत टाइम्स में मामला उजागर होने के बाद एसडीएम ने स्वयं हस्तक्षेप किया और पूरे प्रकरण की दोबारा समीक्षा कराई। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य वैध भूमि पर ही हो रहा था। इसके बाद एसडीएम ने पुलिस को साफ निर्देश दिए — “जहाँ वैध कब्ज़ा दिया जा चुका है, वहाँ निर्माण कार्य में कोई बाध...

सरकारी खाद के गड्ढों पर अवैध कब्जासरेहरी गांव में दबंगई के बल पर सरकारी भूमि पर निर्माण, ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

सरकारी खाद के गड्ढों पर अवैध कब्जा सरेहरी गांव में दबंगई के बल पर सरकारी भूमि पर निर्माण, ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग बेहदर (हरदोई)। बेहदर विकासखंड के सरेहरी गांव में सरकारी भूमि पर दबंगई के बल पर कब्जा करने का मामला सामने आया है। ग्राम समाज की संपत्ति, जो ग्रामीणों के सामूहिक उपयोग के लिए थी, अब व्यक्तिगत स्वार्थ का शिकार बन गई है। इस मामले को लेकर गांव में गहरा असंतोष व्याप्त है और ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मामला गाटा संख्या 794 से जुड़ा है, जो राजस्व अभिलेखों में “खाद गड्ढा” (गोबर और कचरा डालने के लिए सार्वजनिक भूमि) के नाम से दर्ज है। यह भूमि गांव के हर नागरिक के उपयोग के लिए थी ताकि वहां कूड़ा, गोबर आदि डालकर खेती-बाड़ी से संबंधित जैविक खाद तैयार की जा सके। लेकिन अब इस जमीन पर मनोज पुत्र बाबूराम ने अवैध कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों के अनुसार, मनोज ने पहले तो धीरे-धीरे इस भूमि पर अपना अधिकार जताना शुरू किया, और बाद में गड्ढों के आसपास अवैध निर्माण भी करा लिया। गांव के निवासी राजेश ने बताया कि यह खाद गड्ढा वर्षों से उनके परिवार क...

संस्कार परक शिक्षा से राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना बढ़ती है: अजीत सिंह बब्बन

संस्कार परक शिक्षा से राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना बढ़ती है: अजीत सिंह बब्बन नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रम छात्रों के भविष्य निर्माण में सहायक — स्वामी कल्याणानंद महाविद्यालय का 14वां स्थापना दिवस संपन्न हरदोई। स्वामी कल्याणानंद महाविद्यालय न्योरादेव में स्थापना दिवस के 14वें वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने कहा कि “संस्कार परक शिक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्र प्रेम की प्रेरणा से ही विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की भावना विकसित होती है। शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और समाज सेवा का संस्कार देने वाली होनी चाहिए।” मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में आरएसएस उन्नाव विभाग प्रचारक अमरजीत जी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण मोहन जी , क्षेत्र संघ चालक एवं सदस्य, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने की। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा संय...

फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले शिक्षक की सेवा समाप्त, मुकदमा दर्ज!लखनऊ विश्वविद्यालय से सत्यापन में प्रमाणपत्र निकले फर्जी, बीएसए ने दिए सख्त निर्देश

फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले शिक्षक की सेवा समाप्त, मुकदमा दर्ज! लखनऊ विश्वविद्यालय से सत्यापन में प्रमाणपत्र निकले फर्जी, बीएसए ने दिए सख्त निर्देश हरदोई। जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक सूरज पाल की नौकरी अब इतिहास बन चुकी है — कारण साफ है, फर्जी डिग्री से मिली नौकरी का पर्दाफाश । शिक्षा विभाग की सख्त जांच में खुलासा हुआ कि शिक्षक ने अपने नियुक्ति पत्र के साथ जो शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र (बी.ए. वर्ष 2005 और बी.एड. वर्ष 2006) प्रस्तुत किए थे, वे असली नहीं बल्कि जाली थे। मामले का सत्यापन लखनऊ विश्वविद्यालय से कराया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि सूरज पाल नाम के किसी भी विद्यार्थी ने न तो उन सत्रों में बी.ए. किया और न ही बी.एड.। जब रिपोर्ट आई, तो शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए), हरदोई ने तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए। बीएसए ने कहा कि “शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज़ों से प्रवेश करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने ...